विद्या सबसे बड़ा धन है । ************************ विद्या को सबसे बड़ा धन माना गया है। मानव को सभी जीव जन्तुओ में सर्वोत्तम माना गया है क्योंकि मानव ने अपने विद्या और बुद्धि के बल पर प्रकृति को अपने वश में कर रखा है। विद्या का ही परिणाम है कि हम अपने विवेक का प्रयोग कर आसानी से जीवन निर्वहन कर पा रहे हैं। संसार में इसी कारण मानव को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। जब तब मानव विद्या से वंचित होता है , उसका जीवन पशु सदृश होता है। मानव जीवन में हम जन्म के साथ ही विभिन्न स्थितियों में विद्या ग्रहण करते हैं। प्रारम्भिक अवस्था में शिशु अपने माता-पिता से जीवन के संस्कार और बोलना सीखता है। इसके पश्चात उसे विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा जाता है और इसके उपरांत उच्चतर संस्थानों में वे प्रवेश लेते हैं। ये सारा प्रक्रम मानव में विद्या को समाहित करने के लिए किया जाता है। पहले अपने परिवार में और फिर शिक्षण संस्थानों में हम जीवन के बहुत सी बातें सीखते हैं। लिखना , पढ़ना और तकनीकी बातों का ज्ञान मनुष्य को चिंतनशील और प्रखर बनाता है। इस प्रकार मानव मस्तिष्क विद्या को ग्रहण कर परिस्थितियो...
ReplyDeleteI love (mo
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ReplyDeleteI like this history of dowry published by you.......
ReplyDeleteवहुत अच्छा लिखा है
ReplyDeleteVery good article. Are you too assured not gaining dowry at the time of marriages in your family ,relatives and society .If not then article is ............!!!!
ReplyDeleteVery good article. Are you too assured not gaining dowry at the time of marriages in your family ,relatives and society .If not then article is ............!!!!
ReplyDeleteShort and sweet✌️
ReplyDeletenice article
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