देशप्रेम देशप्रेम मानव में निहित ऐसी भावना है जो हमें अपने मातृभूमि के प्रति कृतज्ञ बनाती है। देशप्रेम के कारण ही किसी देश के निवासियों में अपने देष के प्रति श्रद्धा की भावना जागृत होती है। यह मानव को निज स्वार्थ से ऊपर उठकर मातृभूमि के लिए कुछ करने को प्रेरित करती है। इसी भावना से अंगीभूत होकर लोग देश की मर्यादा को कायम रखने हेतु अपने प्राण तक को न्योछावर करने में तनिक भी झिझक नहीं करते हैं। देशप्रेम से जुड़ी असंख्य कथाएं इतिहास के पन्नों में दर्ज है। हर एक देश में उस देश के लिए मर मिटने वाले लोगों और देशप्रेम से जुड़ी घटनाएं सहज ही मिल जाएंगी। ऐसे में भारत जैसे विशाल देश में इसके असंख्य उदाहरण दृषिटगोचर होते हैं। हम अपने इतिहास के पन्नों में झांक कर देखें तो प्राचीन काल से ही अनेक वीर योद्धा हुए जिन्होंने भारतभूमि की रक्षा हेतु अपने प्राण तक को न्योछावर कर दिए। पृथ्वीराज चौहाण, महाराणा प्रताप, टीपू सुल्तान, बाजीराव, झांसी की रानी लक्ष्मीबार्इ, वीर कुंवर सिंह, नाना साहेब, तांत्या टोपे, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, राजगुरू, खुदीराम बोस, सुभाषचंद्रबोस, सरदार बल्लभ भार...
ReplyDeleteI love (mo
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ReplyDeleteI like this history of dowry published by you.......
ReplyDeleteवहुत अच्छा लिखा है
ReplyDeleteVery good article. Are you too assured not gaining dowry at the time of marriages in your family ,relatives and society .If not then article is ............!!!!
ReplyDeleteVery good article. Are you too assured not gaining dowry at the time of marriages in your family ,relatives and society .If not then article is ............!!!!
ReplyDeleteShort and sweet✌️
ReplyDeletenice article
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